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A new book on Damodar Dharmanand Kosambi (in Hindi) edited by Rajendra Sharma, published by SAHMAT was released on January 1, 2010. The book is a collection of essays on and by Kosambi.

Introducing Kosambi, his daughter Meera Kosambi writes on डी डी कोसाम्बी: काम और व्यक्तित्व while D N Jha's article is on दामोदर धर्मानंद कोसामबी: एक अद्भुत विद्वान

The significance of Kosambi is set out in three essays, by Irfan Habib (दामोदर धर्मानंद कोसंबी और भारत के मार्क्सवादीइतिहास लेखन का निर्माण), Prabhat Patnaik (डी डी कोसाम्बी औरऐतिहासिक भौतिकवाद के अग्रिम मोर्चे) and K N Pannikar (कोसाम्बी और भारत में मार्क्सवादी इतिहास लेखन में नया सांस्कृतिक मोड़).

The final part of the book has three essays by Kosambi, भारत में जीवित प्रागैतिहास, Bhartṛhari के काव्य में वैराग्य का स्वरुप, and संस्कृत साहित्य और नाटक
On our SAHMAT page, Rs 100. ISBN: 9788186219959

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